डीआरएम इंडिया न्यूज़ टीवी की खास रिपोर्टिंग में पत्रकार दीपक रावत ने जनपद पंचायत कोलारस के सीईओ से तीखे सवाल किए। इंटरव्यू के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा ग्राम पंचायतों में बैठकों और विकास कार्यों को लेकर उठाया गया।
दीपक रावत ने सवाल किया कि कई ग्राम पंचायतों में नियमित मीटिंग आयोजित नहीं होती, फिर भी ग्राम सभा के नाम पर फंड जारी हो रहा है। उन्होंने आगे पूछा कि जब फंड पहुंच रहा है, तो जमीन पर काम क्यों दिखाई नहीं देता, जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दिखा दिया जाता है। साथ ही यह भी मुद्दा उठाया गया कि शासन की योजनाओं का लाभ सही तरीके से ग्रामवासियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इस पर जनपद पंचायत कोलारस के सीईओ ने जवाब देते हुए कहा कि नियमानुसार साल में चार बार ग्राम सभा आयोजित की जाती है। यदि किसी पंचायत में अनियमितता पाई जाती है, जैसे फंड मिलने के बावजूद काम नहीं हुआ हो, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ ने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी विशेष ग्राम पंचायत के खिलाफ पुख्ता सबूत और प्रमाण के साथ शिकायत करता है, तो प्रशासन तुरंत जांच कर कार्रवाई करेगा। उन्होंने पत्रकार से भी कहा कि यदि किसी एक पंचायत का नाम और सबूत उपलब्ध कराए जाते हैं, तो उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
इस इंटरव्यू के बाद अब यह जिम्मेदारी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों पर भी आती है कि वे अनियमितताओं के खिलाफ सबूत जुटाकर प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता लाई जा सके।








